RBI UPDATE : भारतीय रिजर्व बैंक ने जानकारी, EMI भरने वालो को कब मिलेंगी राहत, जाने अपडेट 

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EVSALAH Digital Desk नई दिल्ली : RBI UPDATE भारतीय रिजर्व बैंक ने जानकारी, EMI भरने वालो को कब मिलेंगी राहत, जाने अपडेट, अक्टूबर महीने की शुरुआत में भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (RBI UPDATE) की बैठक होनी है. देश में महंगाई का आलम ये है कि इस बार भी रेपो रेट में कोई बदलाव होने के आसार नहीं नजर आ रहे हैं. इसका मतलब आपकी Home Loan EMI ना तो महंगी होने जा रही है और ना ही सस्ती. आइए जानते है इसके बारे में विस्तार से.

 देश में रिटेल महंगाई का स्तर अभी भी काफी उच्चस्तर पर है. इसका असर अगले महीने की शुरुआत में होने वाली आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के फैसले पर दिख सकता है. हर दो महीने में होने वाली एमपीसी की बैठक इस बार 4 से 6 अक्टूबर को होनी है. इसमें भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) रेपो रेट को बढ़ाने या घटाने का फैसला लेता है, जो सीधे तौर पर लोगों के होम लोन से लेकर पर्सनल लोन तक की ईएमआई पर असर डालता है. (RBI UPDATE)

रेपो रेट, वो ब्याज दर होती है जिस पर भारतीय रिजर्व बैंक देश के कमर्शियल बैंकों को पूंजी देता है. इसका असर बैंकों की पूंजी लागत पर पड़ता है जिसकी भरपाई वह लोन पर वसूले जाने वाले ब्याज से करती हैं. इसलिए रेपो रेट बढ़ने पर लोगों की लोन ईएमआई बढ़ती है और घटने पर वह नीचे आ जाती है. भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में आखिरी बार बदलाव फरवरी 2023 में किया था और तब से ये 6.50 प्रतिशत पर स्थिर बनी हुई है.

आरबीआई ने रिटेल महंगाई को नीचे लाने के लिए बीते साल लगातार रेपो रेट में बढ़ोत्तरी कर कुल 2.50 प्रतिशत बढ़ाया था. लेकिन अभी भी देश में महंगाई का स्तर काफी ऊंचा है. ऊपर से इस समय अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की पॉलिसी भी दुनियाभर को इकोनॉमीज को प्रभावित कर रही है.

फेडरल रिजर्व ने अमेरिका में महंगाई को नीचे लाने के लिए ब्याज दरों में इजाफा किया है. साथ ही सख्त रुख आगे भी जारी रखने का फैसला किया है. इसका असर दुनियाभर में पूंजी के फ्लो पर पड़ेगा और भारत इससे अछूता नहीं है.

पीटीआई की खबर के मुताबिक बैंक ऑफ बड़ौदा के चीफ इकोनॉमिस्ट मदन सबनवीस का कहना है कि इस बार भी आरबीआई के ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं करने की उम्मीद है. महंगाई अब भी ऊंची बनी हुई है, वहीं कैश फ्लो के लेवल पर भी काफी कठिन दौर है. अगर महंगाई को लेकर आरबीआई के अनुमान को ही सही माना जाए तो अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में भी ये 5% से ज्यादा रहने की संभावना है. इसलिए जनवरी-मार्च तिमाही में भी रेपो रेट में संभवतया बदलाव नहीं होगा.

मदन सबनवीस ने मौसमी परिस्थितियों का भी हवाला दिया है. उन्होंने कहा कि खरीफ फसलों और खासकर दालों की उपज एवं कीमत को लेकर अनिश्चिता बनी हुई है. इससे भी महंगाई पर असर पड़ेगा. रिटेल महंगाई के हालिया आंकड़ों को देखें तो अगस्त में ये 6.83 प्रतिशत पर थी. जबकि जुलाई में 7.44 प्रतिशत पर. दोनों ही स्थिति में ये आरबीआई की अधिकतम 6 प्रतिशत की दर से ऊपर बनी रही.

इक्रा लिमिटेड की चीफ इकोनॉमिस्ट अदिति नायर का कहना है कि टमाटर की कीमतें घटने से सितंबर में महंगाई दर के 5.3 से 5.5 प्रतिशत तक आने की संभावना है. फिर भी अक्टूबर की मौद्रिक नीति में रेपो रेट को लेकर कोई बदलाव नहीं किया जाएगा. रिजर्व बैंक ने 2023-24 में रिटेल महंगाई दर 5.4 प्रतिशत पर रहने का अनुमान जताया है.

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