Railway Employees: रेलवे कर्मचारियों के लिए आई सबसे बुरी खबर, इन सुविधाओं का अब नहीं ले पायेंगे लाभ

WhatsApp Group (Join Now) Join Now
Telegram Group (Join Now) Join Now

Railway News: रेलवे कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर है. दरअसल, रेलवे कर्मचारी वर्ग कुछ सुविधाओं का लाभ अब नहीं ले नहीं पायेंगे. इसको लेकर एक आदेश भी जारी किया गया है. इस आदेश में गौरतलब है कि रेल कर्मचारियों, पेंशनरों और आश्रितों को अब निजी अस्पताल में बिना रेफर इमरजेंसी कैशलेस उपचार की सुविधा नहीं मिलेगी।

 रेलवे बोर्ड ने देशभर में चल रही कैशलेस ट्रीटमेंट स्कीम इन इमरजेंसी (सीटीएसई) को वापस ले लिया है। बोर्ड के प्रधान कार्यकारी निदेशक (स्वास्थ्य) डॉ. एके मल्होत्रा ने 16 अक्टूबर को पत्र लिखकर जोनल रेलवे को इससे अवगत कराया है। 

यह भी पढ़ें- Employees News: गणतंत्र दिवस पर राजस्थान के कर्मचारियों के लिए आई सबसे बड़ी खबर, आदेश देख कर्मचारी भी हुए हैरान

हालांकि, गंभीर बीमारी पर रेल कर्मियों और परिजनों को पुरानी कैशलेस रेफरल की सुविधा यथावत मिलती रहेगी। रेलवे बोर्ड ने जनवरी, 2021 में कर्मचारियों और परिजनों को आपात स्थिति में यथाशीघ्र समुचित उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सीटीएसई को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया था। निजी अस्पतालों को पैनल में शामिल किया गया था। 

सीटीएसई को तत्काल प्रभाव से वापस लेने का निर्णय
गंभीर बीमारी से पीड़ित रेल कर्मचारी, पेंशनर या आश्रित आपात स्थिति में रेलवे अस्पताल से रेफर हुए बिना पैनल के निजी अस्पताल में इलाज करा सकते थे। रेलवे बोर्ड ने विचार-विमर्श और सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन के बाद सीटीएसई को तत्काल प्रभाव से वापस लेने का निर्णय लिया है।

यह भी पढ़ें- RBI ने 2000 के नोट में किया बड़ा बदलाव, जारी किया जाएगा 1 हजार रूपए का नया नोट

सीटीएसई सदस्यता के लिए जमा की गई राशि के लिए कार्डधारक को कोई रिफंड जारी नहीं किया जाएगा। प्रधान कार्यकारी निदेशक ने बताया है कि इस निर्णय पर रेल मंत्रालय के वित्त निदेशालय ने भी सहमति जताई है। 

यह भी पढ़ें- Railways : रेलवे कर्मचारियों को मिली बड़ी राहत दिवाली पर मिलेंगा बड़ा तोहफा, सेलरी के साथ मिलेगा इतना बोनस

बोर्ड के फैसले से रेल कर्मियों में रोष
रेल कर्मचारियों व संगठनों का कहना है कि अचानक तबीयत खराब होने पर कर्मचारियों व उनके परिजनों को यूएमआईडी (उम्मीद) कार्ड या सीटीएसई कार्ड के माध्यम से पैनल में शामिल निजी अस्पताल में उपचार की सुविधा मिल जा रही थी। रेलवे अस्पताल में रेफर के लिए चक्कर नहीं लगाना पड़ता था। 

सीटीएसई की सुविधा समाप्त होने पर रेलकर्मी ही नहीं, उनके पाल्य भी प्रभावित होंगे। पूर्वोत्तर रेलवे में ही लगभग 50 हजार कर्मचारी और 15 हजार पेंशनर हैं।

Leave a Comment

Advertise With Us: ब्रांड प्रमोशन या Sponser पोस्ट के लिए contact करें (bishnoirb1008@gmail.com) हमारी वेबसाइट पर मंथली लगभग 1 लाख से ज्यादा का ट्रैफिक रहता है|